दुनिया के सफलतम लोगों के पीछे भी यही प्रेम है| भले ही उन्हें बचपन में बहुत अधिक संसाधन ना मिले हो लेकिन कहीं ना कहीं कोई ना कोई ऐसा शख्स उनकी जिंदगी में हमेशा रहा, जिसने उन्हें हद से ज्यादा प्यार दिया, भले ही एक मां के रूप में, एक पिता के रूप में, एक बहन या भाई के रूप में हो, लेकिन एक ना एक ऐसा व्यक्ति उसकी जिंदगी में रहा जिसके प्रेम,स्वीकार्यता, तारीफ और सांत्वना ने उसे संबल दिया|
कहते हैं प्यार से दुनिया जीती जा सकती है| वाकई प्यार में बहुत ताकत है| खास बात यह है कि प्रेम देने से बढ़ता है| और प्रेम उतना ही मिलता है जितना दिया जाता है| प्रेम कभी भी बांटने से घटता नहीं है|
एक और बात कही जाती है कि प्रेम करने की चीज है, अभिव्यक्त करने की नहीं| यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो उसे अभिव्यक्त करना भी बहुत जरूरी है| आप किसी को चाहते हैं, उसकी कद्र करते हैं, केयर करते हैं लेकिन आप जताते नहीं है तो वह व्यक्ति कैसे समझेगा?
आज मां बाप बच्चों के बिगड़ने पर दुखी होते हैं और उन्हें सुधारने के तमाम तरीके सीखने की कोशिश करते हैं| लेकिन यदि वह उन्हें निस्वार्थ प्रेम दे पाने में कामयाब हो जाए तो बच्चों को सुधारने के अन्य तरीके गैर जरूरी हो जाते हैं| क्योंकि सिर्फ आपका प्रेम और उस प्रेम की अभिव्यक्ति उस बच्चे के सर्वांगीण विकास में बहुत बड़ी मदद करती है|
बच्चे पर मां बाप का यह विश्वास कि वह बहुत चाहते हैं, और उसकी काबिलियत पर उन्हें पूरा भरोसा है| मां बाप के दो मीठे बोल, बच्चों की जिंदगी में रस घोल देते हैं| आपकी अपेक्षाएं, उम्मीदें, ताने, आपके बात बात पर नुक्स निकालने की आदत, आपके बच्चे पर बहुत नकारात्मक असर डालती है| अपने बच्चों को बताइए कि आप उसे उसी रूप में प्रेम करते हैं जिस रूप में वह है| अच्छा पढ़ता है या नहीं| वह बहुत होशियार है या नही, हर स्थिति में आप उसे चाहते हैं और चाहते रहेंगे|
सिर्फ बच्चे ही नहीं प्रेम के इस सूत्र से आप जो चाहें वो बदल सकते हैं ये प्रेम आपको भी महापुरुष बना सकता है|
प्यार में कंजूसी हमेशा नुकसानदायक होती है| जब भी करें दिल खोलकर प्रेम करें| प्यार और खुशी हमेशा देते रहने का नाम है| जितना आप देते रहेंगे उतना ही आप प्राप्त करते रहेंगे| किसी से प्रेम की अपेक्षा करने की बजाय बुद्धिमानी यह है कि उसे निस्वार्थ भाव से प्रेम दें| इसलिए नहीं कि बदले में आप उससे प्रेम चाहते हैं, बिना किसी लेन देन के गणित को दिमाग में लाये सिर्फ और सिर्फ अपनी तरफ से ज्यादा से ज्यादा प्रेम को देने की कोशिश करते रहे|
आज दुनिया में बच्चों को सबसे ज्यादा जरूरत है तो वह है प्रेम की, हर एक प्यार का भूखा है| हो सकता है आप भी किसी कोने में सच्चे प्रेम को प्राप्त करने की तमन्ना रखते हों| प्रेम हमारे अस्तित्व का भोजन है, दाल चावल रोटी सब्जी शरीर का भोजन हो सकते हैं लेकिन प्रेम हमारी आत्मा का भोजन है,प्रेम हमारे मन का भोजन है|
प्रेम से मिली तृप्ति का वर्णन नहीं किया जा सकता, दया करुणा कृतज्ञता यह सब प्रेम के ही अलग-अलग रूप है, किसी की कद्र करना किसी की सुरक्षा करना किसी की मदद करना किसी की देखरेख करना यह भी प्रेम के ही रूप है| किसी को खुश रखना किसी को खुशी देना उसकी मुरादें पूरी करना यह भी प्रेम है| दया भी प्रेम है|
प्रेम देने वाला, प्रेम अभिव्यक्त करने वाला, प्रेम बांटने वाला, प्रेम पाने वाला हमेशा खुश रहता है| ऐसा व्यक्ति स्वस्थ भी रहता है, ऐसा व्यक्ति आध्यात्मिक ऊंचाइयों को भी छूता है, और ऐसा व्यक्ति अपने जीवन में बेहतर संभावनाएं प्राप्त करता है|
