झगड़ना मनुष्य का स्वभाव है, घर में - पति से पत्नी का, भाई का भाई से, आस का पडौस से, हिन्दू का मुस्लिम से, ठाकुर का दलित से, ब्राम्हण का ठाकुर से, उंच का नीच से, भारत का पाकिस्तान से, चीन का भारत से, अमेरिका का ईरान से, हर जगह झगड़ा है, किसका किससे और किस बात पर झगड़ा नहीं है| मनुष्य अकेला भी लड़ता है और गुट बनाकर भी| भगवन का भगवान से झगड़ा है, उपर शायद अल्लाह और इश्वर भी लड़ रहे हैं, इसलिए शायद नीचे उनके अनुयायी लड़ रहे हैं? कोई ज़मीन के लिए तो कोई जोरू के लिए लड़ रहा है| मनुष्य के आगे मैं लगा है ये मैं हर जगह सर उठाकर खड़ा हो जाता है| साधू, संत भी मनुष्य ही है|
